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चुनावी रणनीतिकार संस्था आई-पैक पर लगाया धमकी देने का गंभीर आरोप
कोलकाता। बंगाल विधानसभा चुनाव में मिली करारी शिकस्त के बाद तृणमूल के भीतर सुलग रही अंतर्कलह अब पूरी तरह से ज्वालामुखी बनकर फट पड़ी है। पार्टी के शीर्ष संगठनात्मक ढांचे को एक और बेहद जोरदार झटका देते हुए वरिष्ठ नेता काकली घोष दस्तीदार ने तृणमूल के जिला अध्यक्ष पद से अचानक इस्तीफा दे दिया है। उनके इस अप्रत्याशित फैसले ने बंगाल के सियासी गलियारों में नई हलचल शुरू कर दी है। केवल इस्तीफा देना ही नहीं, बल्कि काकली घोष दस्तीदार ने पार्टी की चुनावी रणनीतिकार संस्था आई-पैक पर जो सनसनीखेज और गंभीर आरोप जड़े हैं, उसने तृणमूल के भीतर मचे घमासान को सरेआम उजागर कर दिया है।
काकली घोष दस्तीदार ने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव से ठीक पहले उन्हें आई-पैक की ओर से भारी दबाव और सीधे तौर पर गंभीर धमकियों का सामना करना पड़ा था। बेहद नाराजगी और हताशा भरे अंदाज में उन्होंने कहा कि पार्टी संचालन के नाम पर इस बाहरी संगठन ने तृणमूल कांग्रेस को पूरी तरह से नुकसान पहुंचाया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि वे लोग पार्टी का सब कुछ बर्बाद करके चले गए।
हालांकि उन्होंने विस्तार से यह नहीं बताया कि उन्हें किस तरह की धमकी दी गई थी, लेकिन राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि चुनाव के दौरान उम्मीदवार चयन से लेकर प्रचार रणनीति तक, कई मामलों में आई-पैक की भूमिका को लेकर पार्टी के पुराने नेताओं में भारी असंतोष था। तृणमूल के कई जमीनी नेता पहले भी दबी जुबान में कह चुके हैं कि चुनाव में उनके फीडबैक को नजरअंदाज किया गया।
काकली घोष दस्तीदार लंबे समय से ममता बनर्जी की बेहद करीबी और तृणमूल का एक मजबूत चेहरा रही हैं। ऐसे नाजुक समय में उनका इस्तीफा और आई-पैक पर सीधा हमला पार्टी नेतृत्व के लिए बड़ी असहज स्थिति पैदा कर रहा है। फिलहाल इस मुद्दे पर तृणमूल की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन विश्लेषकों का मानना है कि चुनावी हार के बाद पार्टी के भीतर असंतोष की आवाजें अब और तेज होना तय है।